अल जज़ीरा के अनुसार, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में कथित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए। ये हमले कराची में एक सैन्य अड्डे पर हालिया हमले के जवाब में किए गए, जिसमें तीन कर्मियों की मौत हो गई और चार घायल हो गए।
क्या हुआ
29 जून, 2026 को, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तारड़ ने घोषणा की कि पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में सैन्य अभियान चलाए गए। तारड़ ने दावा किया कि इन अभियानों में 25 आतंकवादी मारे गए। कराची में सिंध रेंजर्स के अड्डे पर हमले के बाद, जिसमें तीन कर्मियों की मौत हो गई, पाकिस्तान ने बाजौर, खैबर पख्तूनख्वा में एक अलग जमीनी अभियान भी चलाया, जिसमें जमात-उल-अहरार (JuA) के कई सदस्यों को मारा गया, जिनमें एक वरिष्ठ कमांडर भी शामिल था।[1]
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, “अफगान भूमि और अफगान नागरिक पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं।” इसके जवाब में, पाकिस्तान ने अफगान दूत को बुलाकर काबुल को औपचारिक विरोध दर्ज कराया। कराची हमले के लिए जिम्मेदार JuA, तहरीक-ए-तालिबान का एक गुट है, जिसने पाकिस्तान में कई घातक घटनाओं को अंजाम दिया है।[3]
यह क्यों महत्वपूर्ण है
चल रही हिंसा और सैन्य अभियान क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को दर्शाते हैं। 2025 में पाकिस्तान के भीतर हमलों में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे 1,000 से अधिक मौतें हुईं। विश्लेषक इस्लामाबाद से अपनी आतंकवाद विरोधी रणनीति का पुनर्मूल्यांकन करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हैं, क्योंकि वर्तमान उपाय हिंसा को रोकने में विफल हो रहे हैं।[2]
पृष्ठभूमि
27 जून, 2026 को कराची में सिंध रेंजर्स परिसर पर एक बड़ा हमला हुआ, जिसके चलते पाकिस्तान की ओर से एक प्रतिक्रियात्मक सैन्य प्रतिक्रिया हुई। इस घटना ने एक महत्वपूर्ण वृद्धि को चिह्नित किया, क्योंकि कराची में फरवरी 2023 के बाद से इस तरह की बड़े पैमाने पर हिंसा नहीं देखी गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी JuA ने ली।
आगे क्या
आने वाले हफ्तों में, पाकिस्तान से उम्मीद की जाती है कि वह आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने के लिए अपने सैन्य अभियानों को जारी रखेगा, जबकि अफगानिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंध तनावपूर्ण बने रहेंगे। स्थिति लगातार बदल रही है, जिसके लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों द्वारा करीबी निगरानी की आवश्यकता है।

